Law of Attraction (आकर्षण के नियम) क्या है और कैसे यूज़ करें


आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आप जो कुछ भी चाहे अपने जीवन में आकर्षित कर सकते हैं। केवल अपने विचारों में कुछ परिवर्तन करके और साथ ही अपने कर्मों की शैली को बदलने से ही चाहे वह नेगेटिव हो या फिर पॉज़िटिव, आप जो कुछ भी चाहे अपने जीवन में आकर्षित कर पाने में सक्षम हो सकते हैं।

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Law of Attraction (आकर्षण के नियम) क्या है और कैसे यूज़ करें

आकर्षण के नियम (Law of Attraction) केवल इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं जो सिद्धांत हमें सीखाता है कि सब कुछ ऊर्जा है। इस दुनिया में हम जो कुछ देखते हैं वह सब केवल एक ऊर्जा से ही निर्मित हुआ है, बना है। इसीलिए जिसतरह की भी ऊर्जा आपके भीतर से बाहर जाती है, परिणाम स्वरूप भी आपके पास उसी तरह की ऊर्जा ही लौटती है।

इसलिए आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का सिद्धांत हमें यह सीखाता है के अगर आप आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का इस्तेमाल करके अपने जीवन में कुछ भी आकर्षित करना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले अपने माइंडसेट अर्थात अपने थॉट्स को बदलने की आवश्यकता होगी। एक पॉज़िटिव माइंडसेट रखना बहुत ही आवश्यक और बहुत ही अनिवार्य है।

अपने जीवन में एक पॉज़िटिव माइंडसेट का चयन करने के बाद यह बहुत ही आवश्यक हो जाता है कि जो भी आपका लक्ष्य है, या जो कुछ भी आप अपने जीवन में प्राप्त करना चाहते हैं उसके लिए कर्म करना शुरू कीजिए। साथ ही अगर आपको कुछ कठिनाइयों या मुश्किलों का सामना करना पड़ता है तो उन सभी का सामना आपको उसी पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ ही करना होगा उसी पॉजिटिव माइंडसेट के साथ ही करना होगा जिसका आपने चयन किया है।

पॉजिटिव माइंडसेट कैसे बनाएं?

Positive Mindset Kaise Banaye
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पॉजिटिव माइंडसेट बनाना बहुत ही आवश्यक है

पॉजिटिव माइंडसेट अपने जीवन में उतारने के लिए और बनाने के लिए आपको सबसे पहले उन चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा जो आप अपने जीवन में आकर्षित करना चाहते हैं या जो चीजें आप चाहते हैं कि आपके जीवन में हो। साथ ही आपको उन सभी वस्तुओं चीजों और लोगों से ध्यान हटाना होगा जो आप अपने जीवन में नहीं चाहते।

उदाहरण के तौर पर अगर आप चाहते हैं कि आपके पास एक नई और शानदार गाड़ी हो, तो आपको अपना ध्यान कौन सी शानदार और नई गाड़ी आप अपने जीवन में आकर्षित करना चाहते हैं उस पर केंद्रित करना होगा बजाय अपनी पुरानी और बेकार और टूटी हुई गाड़ी पर।

अगर आपके पास एक पुरानी और टूटी हुई या खराब गाड़ी है तो आपको यह नहीं सोचना कि मेरे पास यह है और मैं नहीं चाहता कि यह मेरे पास हो। इसके विपरीत आपको अपनी सोच कुछ इस तरह की रखनी होगी जिसमें आप एक बहुत ही नई बढ़िया और शानदार गाड़ी देखें और सोचे कि हां यही वह गाड़ी है नई और शानदार जो मैं चाहता हूं कि मेरे जीवन में हो।

जब और जितना हो सके आप की यही कल्पना कीजिए कि आप फेस नई और शानदार गाड़ी चला रहे हैं। अपना पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित कीजिए और जानने की कोशिश कीजिए कि आपको कितनी खुशी महसूस होने वाली है एक नई और शानदार गाड़ी चलाते वक्त।

आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आपको अपना ध्यान वहां केंद्रित नहीं करना जो आप अपने जीवन से हटाना या दूर करना चाहते हैं, बल्कि आकर्षण का नियम कहता है कि आप अपना ध्यान केवल वहां केंद्रित कीजिए या उस चीज पर केंद्रित कीजिए जो चीज आप चाहते हैं कि आपके जीवन में हासिल हो।

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जब आप ऐसा सोचना और ऐसी चीजों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू करते हैं तो इसका मतलब सिर्फ यही होता है कि आप ब्रह्मांड में एक ऊर्जा भेज रहे हैं जो कि एक संदेश के रूप में जाती है और यह ऊर्जा ब्रह्मांड को यह संदेश आपका पहुंचाती है कि आप चाहते हैं ऐसी ही कुछ अच्छी चीजों का आपके जीवन में होना।

  • आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का इस प्रकार तात्पर्य सिर्फ यही है कि जिस भी चीज या वस्तु के बारे में आप सोच रहे हैं इसका मतलब यह हुआ कि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में वह चीज हो। इसीलिए अगर आपके विचारों में यह आपका ध्यान केंद्रित ऐसी चीज पर है या ऐसे थॉट पर है जो कहता है कि, “काश मेरे पास भी एक ऐसी गाड़ी होती जो खराब ना होती”। यहां पर इस सोच का मतलब हुआ कि आप एक खराब गाड़ी पर फोकस अर्थात अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। और यूनिवर्स से आपको ऐसी ही कोई वस्तु प्राप्त होने वाली है क्योंकि आपने ध्यान उसी वस्तु पर केंद्रित किया हुआ है नई पर नहीं।
  • एक और उदाहरण अगर दिया जाए तो आपने बहुत से बच्चों को यह सोचते और बोलते हुए देखा होगा कि “काश मैं 11वीं कक्षा में फेल ना हूं। या मैं इस बार अपनी कक्षा में फेल नहीं होना चाहता।” – अब यह आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार यूनिवर्स को एक नेगेटिव ऊर्जा भेज रहा है। बजाई यह सोचने के हमें सोचना चाहिए कि “मैं अच्छे मार्क्स पाना चाहता हूं”। “मैं बहुत ही अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होना चाहता हूं 11वीं कक्षा में”। या फिर “मेरी मेहनत मुझे कक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए अच्छा फल अवश्य ही देगी”।

इस तरह के पॉजिटिव वाक्यों और पॉजिटिव सोच को रखकर ही हम आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार अपने जीवन में किसी भी चीज वस्तु या व्यक्ति को आकर्षित कर पाने में सक्षम हो सकते हैं।

अपनी सभी इच्छाओं को पॉजिटिव तरीके से कहिए

अगर आप अपने जीवन में कुछ भी आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आकर्षित करना चाहते हैं तो आपके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी इच्छाओं को बताने के लिए या जाहिर करने के लिए नहीं, कम, खराब, मत, कभी नहीं जैसे नेगेटिव शब्दों का उपयोग बिल्कुल भी ना करें।

जैसे कि हम बहुत बार इस तरह के वाक्य सोचते और बोलते हैं:

  • मैं उस व्यक्ति से कभी मिलना नहीं चाहता।
  • मैं यह नौकरी कभी छोड़ना नहीं चाहता।
  • अगर मेरी सैलरी ना बड़ी तो क्या होगा?
  • मेरी खराब गाड़ी मुझे नहीं चाहिए।
  • अब इस खराब गाड़ी से मैं परेशान हो चुका हूं।
  • अगर मैं इस कक्षा में फेल हो गया तो?
  • मैं कभी हारना नहीं चाहता।

अगर आप गलत या नेगेटिव चीजें अपने जीवन में आकर्षित करना नहीं चाहते तो आपको ऐसे नेगेटिव शब्दों के इस्तेमाल से बचना ही होगा।

अगर आप चाहते हैं कि आपके जीवन में केवल अच्छी ही चीजें आकर्षित हो तो “मैं हारना नहीं चाहता” बजाय यह बोलने के आपको बोलना और सोचना चाहिए कि “मैं हमेशा जीतना चाहता हूं”।

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आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार ब्रह्मांड के पास आप जो भी ऊर्जा रूपी शब्दों को भेजते हैं वह सिर्फ आपके शब्दों को सुनता और देखता है लेकिन उन शब्दों के पीछे छुपे आपके भाव को नहीं। इसीलिए ब्रह्मांड को अपनी ऊर्जा भेजने से पहले आपको यह ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है कि कहीं आपकी उस इच्छा में कुछ नेगेटिव या कोई नेगेटिव वर्ड तो नहीं है। वरना आप अपने जीवन में वैसा ही कुछ आकर्षित करेंगे।

अपने सपने पूरे होने की कल्पना में रहिए

कुछ भी आकर्षित करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप जो कुछ भी चाहते हैं अपने जीवन में आना उसकी कल्पना कुछ इस तरह से कीजिए कि वह आप ऑलरेडी पा चुके हैं। कल्पना कीजिए कि आप वह नई गाड़ी जो आप पाना चाहते हैं आप अपनी कल्पना में उसी गाड़ी में बैठे हुए हैं और उसी नई गाड़ी को चला रहे हैं।

कल्पनात्मक विचारों में बहुत ही बड़ी मात्रा में शक्ति और ऊर्जा होती है जो ब्रह्मांड में जाती है। आपको हर वक्त उसी पॉजिटिव माइंडसेट में कल्पना करनी होगी जो कुछ आप अपने जीवन में पाना चाहते हैं।

आपको चाहिए कि आप रोज कम से कम 15 मिनट आंखें बंद करके अपना ध्यान उस पॉजिटिव माइंडसेट और अपने कल्पनात्मक विचारों पर केंद्रित करिए जिसमें आप यही कल्पना कीजिए कि जो आप पाना चाहते हैं जब वह आपको मिल जाएगा तो आप किस तरह उसे इस्तेमाल करेंगे या किस तरह खुश होंगे।

  • सबसे बढ़िया है कि आप अपनी सफलता की कल्पना कीजिए। हमेशा आपकी कल्पना में आपकी सफलता ही होनी चाहिए। कल्पना कीजिए कि आप जिस भी कंपनी में काम करते हैं वहां आपको तरक्की मिल रही है। आपको यह कल्पना नहीं करनी कि आप रोज की तरह एक साधारण व्यक्ति की तरह एक साधारण काम कर रहे हैं। आपका काम रोज बहुत ही अच्छा हो रहा है और आपको अपने बॉस से तारीफ सुनने को मिल रही है।

ब्रह्मांड को धन्यवाद दीजिए हर चीज के लिए

Law of Attraction kya hota hai

आपके पास जो कुछ भी उपलब्ध है उसके लिए बहुत ही आवश्यक है कि आपको ब्रह्मांड को हर उस चीज के लिए धन्यवाद करना चाहिए जो कुछ भी आपको ब्रह्मांड से या परमात्मा से मिला है। ऐसा करने से हमारा पॉजिटिव माइंडसेट बनता है और हमें अपना जीवन भी अच्छा लगने लगता है।

जब भी आप अपने जीवन में उन सभी अच्छी चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आपको ब्रह्मांड से या परमात्मा से मिली है तो आपको अपना जीवन और भी अच्छा और भी बेहतर लगने लगता है। और इन सब के लिए ब्रह्मांड को धन्यवाद देने से ब्रह्मांड आपको और अच्छी चीजें प्रदान करने के लिए तैयार होता है।

अपने जीवन में हर उस चीज को देखिए और सोचिए जिस भी चीज के लिए आप ब्रह्मांड को धन्यवाद कर सकते हैं या करना चाहते हैं और कीजिए। बेहतर होगा अगर आप एक लिस्ट बनाइए जिसमें आप हर उस चीज का उल्लेख करें जो कुछ आपको मिला है और जिस जिस चीज के लिए आप आभारी हैं।

रोज सुबह सुबह उठते ही और खासकर रात को सोने से पहले ब्रह्मांड को हर उस चीज के लिए धन्यवाद कहिए और शुक्रगुजार रहिए जो कुछ आपको आज तक मिला है।

  • सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि जब आप सुबह सुबह उठते हैं, उठते ही एक पेपर पर तीन ऐसी चीजें लिखिए जिसके लिए आज आप यूनिवर्स को धन्यवाद देना चाहते हैं। ऐसा करने से आपके दिन की शुरुआत बहुत ही अच्छी होने वाली है और साथ ही आपका पूरा दिन बहुत ही खुशी में बीतेगा।

15 मिनट के लिए रोज (Meditation) मेडिटेशन अवश्य करें

हम सभी जानते हैं कि आजकल हम सभी तनाव से गुजर रहे हैं। आजकल 70% से ज्यादा लोगों को तनाव की समस्या है। आजकल हमारी जीवन शैली ही कुछ इस तरह की बन चुकी है कि तनाव होना स्वभाविक है।

ऐसे में बहुत ही आवश्यक है कि हम अपने मन और शरीर दोनों को किसी तरह तनावमुक्त रख सकें। और इसी के लिए बहुत ही उपयोगी तरीका है 15 मिनट की मेडिटेशन रोज करना। अगर आप केवल 15 मिनट रोज मेडिटेशन करते हैं तो आपका मन और शरीर दोनों तनावमुक्त रह पाएंगे। इतना ही नहीं आप अपना पॉजिटिव माइंडसेट रख पाएंगे और हर वक्त अच्छा सोच पाएंगे।

अगर आप एक साधारण मेडिटेशन ही करना चाहते हैं तो आपको सिर्फ इतना ही करना है कि एक ऐसी स्थिति में बैठी है जो बहुत ही आरामदायक हो। अब धीरे-धीरे अपनी दोनों आंखें बंद कर लीजिए। अब अपना सारा ध्यान केंद्रित कीजिए अपनी सांसों के आवागमन पर। आपको सिर्फ यह देखना है कि आपकी सांस आ रही है और जा रही है। अगर विचार आते हैं तो आने दीजिए कुछ देर बाद चले जाएंगे और जाने दीजिए। केवल 15 मिनट तक आपको अपना सारा ध्यान अपनी सांसो पर ही केंद्रित किए रहना है।

  • अगर आपको यह मेडिटेशन करने में थोड़ी दिक्कत या परेशानी हो रही है तो आप यूट्यूब पर ऑनलाइन जाकर गाइडेड मेडिटेशन की भी सहायता ले सकते हैं।

परेशानियां व चिंताओं की जगह केवल समाधान पर ध्यान दीजिए

चिंता करना और परेशानियों से परेशान हो जाना वैसे तो स्वाभाविक है। मगर अपने जीवन में कुछ अच्छा आकर्षित करने के लिए यह बहुत ही जरूरी है कि हम अपना ध्यान चिंताओं से और परेशानियों से हटा कर केवल समाधान की ओर केंद्रित करें।

इसके लिए जब भी आपको किसी भी चीज की या किसी भी तरह की चिंता सताए तो आप सबसे पहले यह सोचिए कि अतीत में जब आप आखरी बार किसी वस्तु के लिए या किसी चीज के लिए चिंतित हो रहे थे तब आखिरकार हुआ क्या था तब आपको पता लगेगा की पहले की जाने वाली सारी चिंताएं तो व्यर्थ ही थी। इसीलिए यह चिंता जो आप आज इस वक्त कर रहे हैं यह भी व्यर्थ ही होने वाली है।

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इतना ही नहीं यह भी सोचिए कि जिस चीज की चिंता आप कर रहे हैं अगर वह काम जो नहीं होना चाहिए अगर हो भी जाए तो ज्यादा से ज्यादा क्या हो जाएगा। थोड़ी देर अगर ध्यान से इस बारे में सोचेंगे तो आप जान पाएंगे कि इतनी भी कोई बड़ी बात नहीं है चिंता करने की जितनी आप कर रहे हैं।

  • जैसे कि मान लीजिए कि आप के ऑफिस में एक क्लाइंट आने वाला है और बहुत बड़ी डील आपके हाथ लगने वाली है। लेकिन आपको यह चिंता हो रही है कि यह डील आपको मिलेगी या नहीं मिलेगी। अब आप यह सोचिए कि पहले कभी आपको ऐसा हुआ है। पहले कभी ऐसी कोई चिंता हुई थी जब पहले आपने कभी कोई डील की हो या मिस की हो। ज्यादा से ज्यादा क्या हुआ? या तो वह डील आपको मिली या फिर नहीं मिली। अगर नहीं भी मिली तो भी उसके बावजूद आज आप और आपकी कंपनी सही चल रहे हैं और साथ ही आपको यह नई डील एक और मौका और एक और अपॉर्चुनिटी आपको मिली है। इसी हिसाब से अगर यह डील आपको नहीं मिली तो क्या होगा? तो आपको फ्यूचर में फिर से एक नई अपॉर्चुनिटी मिलेगी। तो चिंता करने की आवश्यकता ही क्या है?
  • अगर आप इस तरह सोचेंगे तो आप अपने दिमाग को शांत करके परेशानी की जगह समाधान पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। और जब हम अपना ध्यान समाधान पर केंद्रित करते हैं तो ब्रह्मांड में उसी तरह की ऊर्जा जाती है और वापसी में हमें समाधान ही प्राप्त होता है। उसी तरह की ऊर्जा ही हम अपने जीवन में आकर्षित करते हैं जिस तरह की ऊर्जा हम ब्रह्मांड की तरफ छोड़ते हैं।

नोट: बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो चाह कर भी चिंता करना बंद नहीं कर सकते। अगर आपको लगता है कि आप भी उन्हीं लोगों में से हैं जो चाह कर भी चिंता करना बंद नहीं कर सकते, तो अपनी सभी चिंताओं को एक डायरी बनाकर उस डायरी में लिखिए। और फिर उस डायरी को अपनी पहुंच से बहुत दूर कहीं रख दीजिए और ऐसा करने से आप अपने विचारों को अपने दिमाग से दूर या चिंताओं को अपने दिमाग से निकाल फेंकने में सक्षम हो जाएंगे।

खुद को पॉजिटिव रखने का प्रयास कभी ना छोड़े

शुरु शुरु में जब आप कोशिश करते हैं खुद को पॉजिटिव रखने की तो यह बहुत बार आपके लिए मुश्किल साबित होता है। क्योंकि आज तक हम नेगेटिव विचारों को ही अपनी ऊर्जा देते आए हैं। इसीलिए एकदम से पॉजिटिव विचार रख पाना हमारे लिए कभी कभी मुश्किल साबित होता है। लेकिन हमें प्रयास कभी नहीं छोड़ना और निरंतर करते ही रहना है अपने विचारों को पॉजिटिव रखने का।

इसी के साथ आपको यह भी प्रयास करना है कि जब भी आप नेगेटिव विचारों का सामना करें तब उसी वक्त अपने आप को पॉजिटिव करने की कोशिश अवश्य करें। आपको अपनी ऊर्जा पॉजिटिव विचारों को ही प्रदान करते रहना है। अगर आपके पास नेगेटिव विचार आते भी हैं तो उन्हें किसी भी तरह कोशिश कीजिए लेकिन पॉजिटिव में बदलिए।

हम जानते हैं कि यह सब एकदम से नहीं होने वाला है। मगर अगर आप कुछ आकर्षित करना चाहते हैं अपने जीवन में तो आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आपको चलना होगा और अपने विचारों को पॉजिटिव रखना होगा। इस चीज का आपको निरंतर अभ्यास करते ही रहना है। और अभ्यास करते करते आप पॉजिटिव माइंडसेट को अपने जीवन में धारण कर सकते हैं।

  • उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आप भी कुछ इस तरह सोचते हैं जैसे कि “आखिर मेरे साथ ही इतना बुरा क्यों हो रहा है, मेरे पास ज्यादा मेहनत और ज्यादा परिश्रम करने के बाद भी पैसा आता क्यों नहीं दिख रहा?” जब कभी भी आपके पास या आपके मन में ऐसा विचार आए तो स्वयं को कुछ क्षणों के लिए रोकिए और उस वक्त आपको यह विचार करना है और यह सोचना है कि ऐसा विचार आपको आ ही क्यों रहा है। ऐसा सोचते समय आपको यह भी कोशिश करनी है कि आप इस विचार को पॉजिटिव तरीके से किस तरह बदल सकते हैं। जैसे कि आप यह भी उस वक्त सोचना शुरू कर सकते हैं कि “सुबह होने से पहले काली अंधेरी रात होती है वैसे ही बहुत अधिक पैसा आने से पहले मेरे यह हालात है। अर्थात इसका यही मतलब है की बहुत कुछ अच्छा होने वाला है मेरे साथ अब”।

आपको बस एक निर्णय बनाना है और अपने आप से एक वादा करना है कि हर परिस्थिति में आपको किसी भी तरह कुछ ना कुछ पॉजिटिव ही देखना और पॉजिटिव में ही उसे बदलना होगा। आपको अपने आपको यही समझाना होगा कि जैसे जैसे समय बीत रहा है आप में और बेहतर गुण आते जा रहे हैं और आपकी प्रगति होती जा रही है। हर परिस्थिति में कुछ अच्छा छुपा है आपके लिए और वह समय आने पर अच्छा ही प्रकट होगा आपके सामने।

चित्र संग्रह कीजिए और कर्मशील बनिए

Law of Attraction kya hai

चित्र संग्रह कीजिए

जो कुछ आप जीवन में आकर्षित करना चाहते हैं या जिस तरह का जीवन आप जीना चाहते हैं वैसे ही कुछ चित्रों का संग्रह कीजिए। और एक कोलाज (Collage) बनाइए। जिस तरह की भी गाड़ियां जिस तरह का भी घर आप चाहते हैं या जो कुछ ऐसा है जो आप चाहते हैं अपने जीवन में आकर्षित करना उसकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट से या अखबार से इकट्ठा कीजिए और उसका सबका एक कोलाज बनाइए।

जिस रूम में अपने घर के जिस कमरे में आप ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताते हैं उस कमरे में इस कोलाज का प्रिंट आउट निकाल कर दो से तीन जगह चिपकाए। इस प्रिंटआउट को किसी ऐसी जगह आपको चिपकाना है जहां पर ज्यादा से ज्यादा बार आपकी नजरें इसे देख सकें। जितनी सादा बार आपकी नजरें इस कोलाज को देखेंगे उतनी ही ज्यादा बार आप क्या आकर्षित करना चाह रहे हैं आपके दिमाग में इसी तरह के विचार चलेंगे।

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ऐसा करने से आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए सही तरह का कर्म करने की प्रेरणा प्राप्त होगी और ऐसे कोलाज को रोज देख देख कर आप प्रेरणा प्राप्त करेंगे किसी भी तरह उसे अपने जीवन में आकर्षित करने के लिए।

  • उदाहरण के तौर पर अगर आप एक नई चमकती गाड़ी को आकर्षित करना चाहते हैं अपने जीवन में तो उस गाड़ी की कुछ तस्वीरों को इकट्ठा कीजिए और एक कोलाज बनाकर अपने रूम की दीवार पर लगा दीजिए। या फिर अगर आप एक अपना घर बनवाना चाहते हैं तो जिस भी तरह का घर आप चाहते हैं उस की कुछ तस्वीरें इकट्ठी करके एक कोलाज बनाइए और उसे अपने रूम की दीवार पर लगा दीजिए।
  • ध्यान रहे कि आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आपको कर्मशील तो होना ही पड़ेगा। यह कोई जादू की छड़ी नहीं है कि आपने केवल सोचा और चीज सामने प्रकट हो गई। नहीं यह ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह सिर्फ आपके कर्मों को ऊर्जा प्रदान करता है एक ऐसी जादुई चमत्कारी ऊर्जा और शक्तिशाली ऊर्जा जो आपके कर्मों को सही डायरेक्शन में ले जाकर आप जो चाहते हैं उसे आपके सामने प्रकट कर देती है।

छोटी-छोटी कोशिश रोज कीजिए और लगातार कीजिए

जो कुछ भी आप अपने जीवन में प्राप्त करना चाहते हैं या जो कुछ भी आपका लक्ष्य है जिसे आप पाना चाहते हैं उसके लिए आपको कर्म तो करना ही पड़ेगा। और सबसे बेहतरीन तरीका यही होगा कि आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जो कुछ भी आप पाना चाहते हैं उसे पाने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा जरूर निकालिए उसके लिए मेहनत करने के लिए। और धीरे-धीरे रोज थोड़ा थोड़ा समय बढ़ाइए अपनी मेहनत करने का।

दूसरा कदम होगा अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कीजिए। छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर धीरे-धीरे एक-एक पर सफलता प्राप्त करने की कोशिश करिए। एक लिस्ट तैयार कीजिए जिसमें आप हर वह छोटा छोटा लक्ष्य लिखकर दर्ज कीजिए जो आपको बड़ा लक्ष्य पाने में सहायक हो। जैसे-जैसे आप छोटा-छोटा लक्ष्य प्राप्त करते जाएं वैसे वैसे उस लक्ष्य पर निशान लगाते जाइए और बढ़ जाइए अपना दूसरा छोटा लक्ष्य प्राप्त करने की तरफ। ऐसा करने से बड़ा लक्ष्य पाना आपके लिए बहुत ही आसान और सहायक हो जाएगा।

नोट: अपने लिए रोज एक टाइम टेबल बनाइए। अपना लक्ष्य पाने के लिए उसी टाइम टेबल के हिसाब से ही आप अपने जीवन शैली को निर्धारित कीजिए। रोज सुबह उठते ही अपने उस लक्ष्य को देखिए पढ़िए और मन में दोहराए कि आपको यह पाना ही है किसी भी तरह।

लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार बने

अपने आप के लिए लक्ष्य तैयार कीजिए और साथ ही अपने आप से उम्मीद कीजिए कि आप इस लक्ष्य को कितने समय में प्राप्त कर पाएंगे। अब अगर आप जो अपने आप से उम्मीद करते हैं वह आप नहीं पा पाते, तो आप सोचिए कि आपको अपनी उम्मीदें पाने में कठिनाई का सामना क्यों करना पड़ा।

जो कुछ आपके जीवन में घटित हो रहा है उसके लिए जिम्मेदार केवल और केवल आप ही है यह आपका समझना बहुत ही आवश्यक है। हमारे विचार हमारे कर्म और हमारी मेहनत ही यह निर्धारित करती है कि हमें क्या मिलेगा। अच्छा या बुरा जो कुछ हमें जीवन में प्राप्त होता है वह सब हमारे विचार और हमारी मेहनत का ही नतीजा होता है। इसीलिए आप जो कुछ प्राप्त कर रहे हैं उसकी और जो कुछ प्राप्त प्राप्त नहीं कर पाए उसकी दोनों की जिम्मेदारी आपको ही लेनी होगी।

  • उदाहरण के तौर पर मान लीजिए आप ने तय किया कि आप रोज कम से कम 3 घंटे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम करेंगे। लेकिन किसी भी वजह से आप केवल चार-पांच दिन ही 3 घंटे रोज काम कर पाए और उसके बाद नहीं किया। तब आपको यह मान लेना चाहिए कि आपने जो अपने लिए समय निर्धारित किया था काम का आप उस निर्धारित समय के लिए काम नहीं कर पाए। लेकिन इसी के साथ आपको यह भी दोबारा निर्धारित करना होगा कि अब से आप कुछ समय के लिए काम अवश्य करेंगे। आप चाहें तो उस निर्धारित किए समय को 3 घंटे से कम करके आधा घंटा या 1 घंटा भी कर सकते हैं। ऐसा इसीलिए ताकि आप अपने लक्ष्य को या निर्धारित किए समय को प्राप्त करने के लिए सक्षम हो पाए।

कर्म करने के लिए खुद से ही बातचीत करना शुरू कीजिए

नेगेटिव विचारों का आना आज की दुनिया में एक बहुत ही आम बात है। हम सभी नेगेटिव विचारों और नेगेटिव लोगों से गिरे हुए हैं। जब कभी हम कुछ अच्छा और बेहतर काम करना चाहते हैं या करने की कोशिश करते हैं तो नेगेटिव विचार हमें कुछ भी अच्छा करने से रोक लेते हैं। नेगेटिव विचारों को हम इतनी ज्यादा शक्ति प्रदान कर चुके हैं आज तक कि हमें कोई भी लक्ष्य प्राप्त करने नहीं देते ऐसे विचार।

इसीलिए बहुत ही आवश्यक है कि जब कभी आप देखें कि आपके आसपास नेगेटिव विचार आपके भीतर चल रहे हैं तब आपको जरूरत है खुद से बातचीत करने की। तब अपने आप से ही आप सवाल कीजिए कि ऐसा क्यों हो रहा है। आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कर्म करना चाहते हैं पर आप को नेगेटिव विचार क्यों आ रहे हैं। और थोड़ा कोशिश करके सोचिए कि आप इन नेगेटिव विचारों से छुटकारा कैसे पा सकते हैं या फिर इन्हीं नेगेटिव विचारों को आप पॉजिटिव विचारों में कैसे बदल सकते हैं।

ऐसा करने से आप अपने विचारों को पॉजिटिव विचारों में बदलने में सक्षम हो पाएंगे। परंतु अगर आपको फिर भी यह कठिन लग रहा है तो आप पॉजिटिव एफर्मेशंस या पॉजिटिव मंत्रों का पाठ कर सकते हैं।

  • उदाहरण के तौर पर अगर आपके मन में यह विचार चल रहा है कि “मैं कभी एक अच्छा और सफल बिजनेसमैन नहीं बन सकता।” एक लंबी गहरी सांस लेकर इस विचार का आपको विरोध करके इसे पॉजिटिव में बदलना ही होगा। और अपने आप को यह समझाना होगा की शुरुआती समय में नए बिजनेस में कठिनाइयां तो होती ही है मगर लगातार मेहनत करने वाले को सफलता अवश्य प्राप्त होती है। इसीलिए वह दिन भी दूर नहीं जब मुझे भी इस बिजनेस में बहुत अधिक सफलता प्राप्त होगी। असफलताओं से भी मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है और मिल रहा है जिस वजह से मैं बहुत ही जल्द सफलता प्राप्त करने वाला हूं।
  • जितनी ज्यादा बार हो सके उतनी ज्यादा बार एक पॉजिटिव एफर्मेशंस या पॉजिटिव मंत्र का पाठ करते रहिए निरंतर। जैसे कि: “मैं एक सफल व्यक्ति हूं और जो कुछ मैं कर रहा हूं मैं उस सब से बहुत ही खुश हूं। मैं जो कुछ भी पाना चाहता हूं बहुत आसानी से मैं पा सकता हूं।”

रुकावट व बाधाओं का निवारण

Law of Attraction Hindi mein

जो आपके नियंत्रण में नहीं उसकी जिम्मेवारी ना लें

हम सभी जानते हैं कि हर चीज और हर हालात हमारे बस में नहीं होते। कभी-कभी हमें कुछ ऐसी परिस्थितियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जो हमारे पहुंच से बिल्कुल ही बाहर होते हैं। जैसे कि कोई प्राकृतिक बाधा उत्पन्न हो जाना, प्राकृतिक आपदा आ जाना या कोई बीमारी आना या नौकरी चले जाना या एक्सीडेंट हो जाना या कुछ ऐसा जो हमारे बस में ना हो।

जब ऐसा कुछ हो तो आपको यह अवश्य ध्यान रखना है कि आप खुद को कसूरवार ना ठहराए। आपको इन सभी समस्याओं को देखते हुए भी किसी भी तरह नेगेटिव नहीं होने देना है। आपको यह समझना और अपने आप को समझाना है की ऐसी चीजें सभी के साथ होती हैं आप कुछ अलग नहीं है।

  • उदाहरण के तौर पर आप गाड़ी चला रहे हैं और किसी ने आपकी गाड़ी ठोक दी सामने से। अब ऐसी परिस्थिति में आप का कसूर नहीं है यह दुर्घटना किसी के साथ भी हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में आपको अपने आप को जिम्मेदार ठहराने की जरूरत नहीं है ना ही खुद को कोई दोष देने की आवश्यकता है।
  • कठिनाइयों और मुश्किलें सभी के जीवन का हिस्सा है। अगर आपको जीवन मिला है जीने के लिए तो कठिनाइयां तो आएगी ही आएगी। कोई भी इंसान इस दुनिया में पूरी तरह कठिनाइयों से बचा नहीं हुआ। चाहे आप आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर नहीं कर रहे दोनों ही परिस्थितियों में आपको कठिनाइयों का सामना तो डट कर ही करना होगा।

शांति से कठिनाइयों का सामना करें

हम सभी जानते हैं कि कठिनाइयों और परेशानियों को इस जीवन में कोई रोक नहीं सकता। अगर कोई ऐसी परिस्थिति जो आपके लिए बुरी है और हो रही है तो आप भी उसे रोकने में असमर्थ ही हैं। हम सभी जानते हैं कि परेशानियों को कोई रोक नहीं पाया आज तक और ना ही कभी रोक पाएगा।

मगर हम एक चीज है जो बहुत ही बेहतरीन तरीके से कर सकते हैं और वह है उन कठिनाइयों और परेशानियों का शांति से सामना करना। जितना हो सके कोशिश कीजिए कि कठिनाइयों और परेशानियों से आप परेशान होने के बजाय उन्हें अपने जीवन का एक हिस्सा समझकर उन्हें स्वीकार कीजिए और शांति से बैठ कर यह सोचिए कि इसका निवारण किस तरह हो सकता है।

जब आप परेशानियों और कठिनाइयों को जीवन का हिस्सा समझकर स्वीकार कर लेते हैं और अपने आप को और अपने मस्तिष्क को थोड़ा शांत और स्थिर कर पाते हैं वही वह वक्त होता है जब आप उस परेशानी और कठिनाई के हल की तरफ हाथ बढ़ा सकते हैं। ऐसे समय में सहायता के लिए आप अपने परिवार जनों या अपने दोस्तों की सहायता भी मांग सकते हैं। ऐसा करने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए आपको।

  • उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आप बहुत सालों से एक नौकरी पर लगे हुए थे। और हाल ही में आपको उस नौकरी से किसी वजह से निकाल दिया गया या फिर आपको वह नौकरी छोड़नी पड़ी। अब उस नौकरी को छोड़ने के लिए दुख मनाने की कोई जरूरत नहीं है यह रोने की कोई जरूरत नहीं है। अगर जरूरत है तो शांति से बैठकर यह सोचने की है कि अब क्या करना चाहिए। सबसे पहले तो आप यह स्वीकार कर लीजिए कि जो यह नौकरी आपके हाथ से गई है इसका सिर्फ यही मतलब है की एक बहुत ही शानदार नौकरी जो कि आपके पिछले नौकरी से भी बढ़िया होगी वह आपका इंतजार कर रही है। ऐसा पॉजिटिव माइंडसेट रखिए इस वक्त भी और अब यह सोचिए कि इससे बेहतर आप और क्या कर सकते हैं।

सेल्फ कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) बढ़ाइए और अपने पर काबू रखें

बहुत बार ऐसा होता है कि हम कभी-कभी कठिनाइयों से जूझ रहे होते हैं और अपना आत्मविश्वास खो बैठते हैं। कभी-कभी तो हमारा पॉजिटिव माइंडसेट बिल्कुल खत्म हो जाता है और हम अपना काबू अपने आप पर से खो देते हैं। जब भी ऐसा होता है तो हमारे अंदर की शक्ति क्षीण हो जाती है।

अगर आप अपने आत्मविश्वास व सेल्फ कॉन्फिडेंस पर काम करते हैं और अपने आप पर काबू रखते हैं ऐसे हालातों में भी तो आप अपनी शक्ति को खोने से बचा सकते हैं। और आप उस शक्ति का इस्तेमाल किसी भी दुख परेशानी या कठिनाई से बचने के लिए कर सकते हैं।

  • उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आप कई सालों से जो एक नौकरी कर रहे थे आपको किसी वजह से वह नौकरी छोड़नी पड़ी। अब इतनी बढ़िया नौकरी आपके हाथ से चली गई बार-बार यह सोचने का कोई फायदा नहीं है। यह सब सोचने की जगह अब आपको यह सोचना चाहिए कि इससे भी बेहतरीन नौकरी आपको किस जगह और किस तरह मिल सकती है। और इसी नई दिशा में आगे बढ़ने के लिए इससे भी बेहतर नौकरी ढूंढने के लिए अपना सारा ध्यान केंद्रित करें और कोशिश करें।

Important Tips for Law of Attraction (आकर्षण के नियम)

  • आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप कुछ चाहते हैं और उसे ब्रह्मांड को कहकर छोड़ दें। और उम्मीद करें कि एक ना एक दिन वह वस्तु आपके सामने अपने आप प्रकट हो जाएगी।
  • आप जो कुछ ब्रह्मांड को देते हैं बदले में वही दुगना वापस पाते हैं। इसीलिए आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आपको केवल पॉजिटिव ऊर्जा के रूप में अपनी चाहत और जिस चीज को आप आकर्षित करना चाहते हैं उस पर अपना ध्यान केंद्रित करके भेजना है। और इसी के बदले इसी के विपरीत आपको दुगनी पॉजिटिव ऊर्जा के रूप में वह वस्तु प्राप्त होगी जिसे आप चाहते हैं पाना। परंतु इसके लिए आपको कर्म अवश्य करना होगा।
  • पॉजिटिव माइंडसेट बनाने और बनाए रखने के लिए आप अच्छे और खुश होने वाले गीत सुन सकते हैं, मोटिवेशन प्रदान करने वाली मूवीस देख सकते हैं, अपने दोस्तों के साथ घूमने फिरने जा सकते हैं या फिर कुछ भी ऐसा कीजिए जो आपको पॉजिटिव बने रहने में सहायक होता हो। वही कीजिए जो आपको बहुत खुशी देता हूं या बहुत अच्छा रखता हूं। सीधे बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश कभी ना करें। बड़े लक्ष्य को पाने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाइए और एक एक कर कर उन छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा कीजिए। छोटे-छोटे लक्ष्य जब आप प्राप्त कर लें और सफलता हासिल करें तो खुद को शाबाशी अवश्य दीजिए सफलता पाने के लिए। छोटी-छोटी सफलताएं प्राप्त करना ही आपको प्रेरित करेगा बड़ी सफलता प्राप्त करने के लिए।
  • धैर्य (Patience) बहुत ही आवश्यक है आकर्षण के नियम (Law of Attraction) का उपयोग करते समय। क्योंकि हम सभी जानते हैं कि हर एक चीज में समय लगता है। दुनिया का कोई भी पौधा 1 दिन में बड़ा नहीं होता और पेड़ नहीं बन जाता। दुनिया का कोई भी बच्चा 1 दिन में बड़ा होकर जवान नहीं बन जाता। उसी तरह जो कुछ भी आप पाना चाहते हैं आकर्षण के नियम (Law of Attraction) को भी समय दीजिए। ब्रह्मांड को भी समय दीजिए आपको आपका लक्ष्य प्राप्त करवाने में सहायता करने के लिए। अगर आप धैर्य रखने में असफल हो जाते हैं और निराश हो जाते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि आप ब्रह्मांड में निगेटिव विचार भेज रहे हैं। ऐसा करने पर आकर्षण के नियम (Law of Attraction) सही से काम नहीं कर पाएंगे और आपकी इच्छा पूरी होने में और आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने में बहुत ही अधिक समय लग सकता है।
  • कठिनाइयों और परेशानियों का आपको डटकर सामना करना चाहिए। और हमेशा हर समय कल्पना कीजिए अपने पॉजिटिव भविष्य की। जो कुछ आप प्राप्त करना चाहते हैं उसी की कल्पना में जीवन को जीना सीखिए। अपने जीवन को इतना सुंदर बना लीजिए पॉजिटिव माइंडसेट रखकर कि जो आप पाना चाहते हैं आपको ऐसा लगना चाहिए कि आप उस चीज को पा चुके हैं। कुछ ऐसे आनंद के साथ जीवन को जीना सीखें।
  • जितना हो सके नेगेटिव शब्दों से, नेगेटिव विचारों से, नेगेटिव लोगों से, नेगेटिव परिस्थितियों से दूर ही रहने की कोशिश कीजिए। और अगर किसी कारणवश आप ना रह पाए नेगेटिव परिस्थितियों से दूर तो उन्हें पॉजिटिव में बदलने की कोशिश कीजिए।

अगर आप आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें नीचे comment box में comment ज़रूर करें। आकर्षण के नियम (Law of Attraction) को आप कैसे अपने जीवन में इस्तेमाल कर सकते हैं और कैसे आप बहुत ही आसानी से आकर्षण के नियम (Law of Attraction) द्वारा कुछ भी आकर्षित कर सकते हैं हम आपके साथ ज़रूर सांझा करेंगे।


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